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बुधवार, 4 जुलाई 2012

Discussion on Master & Margarita(Hindi) - 3


अध्याय – 3

हमने देखा कि अध्याय 2 में विदेशी पत्रियार्शी पार्क में येशुआ-हा-नोस्त्री और पोंती पिलात का प्रसंग सुनाता है, जिसमें येशुआ को फाँसी की सज़ा सुनाई जाती है. और जब तक अभियुक्तों को गंजे पहाड़ पर ले जाया जाता है सुबह के दस बज जाते हैं.

अध्याय 2 का घटनाक्रम घटित होता है येरूशलम में.

अध्याय 3 उसी वाक्य से आरम्भ होता है जिससे अध्याय 2 समाप्त हुआ था.  दुबारा यह कहकर कि ‘  ‘ सुबह के दस बजे थे, आदरणीय इवान निकोलायेविच... ’ बुल्गाकोव पाठकों को उस स्थान एवम समय पर वापस ले आता है जब बेर्लिओज़ और बेज़्दोम्नी ईसा के बारे में चर्चा कर रहे थे. 

इस विधा का प्रयोग बुल्गाकोव स्थान एवम् समय में मानो छलाँग लगाने के लिए करते हैं.

इस समय तक पत्रियार्शी पर शाम हो चुकी है और आसमान में चाँद निकल आया है. बेर्लिओज़ इस ‘सिरफिरे’ जर्मन को गुस्सा नहीं दिलाना चाहता मगर फिर भी वह कह देता है कि प्रोफेसर की कहानी है तो बड़ी दिलचस्प मगर वह बाइबल की कहानियों से मेल नहीं खाती. प्रोफेसर बेर्लिओज़ द्वारा ही कुछ समय पहले कहे गए शब्दों को दुहरा देता है कि बाइबिल में वर्णित घटनाएँ असल में कभी हुई ही नहीं. बेर्लिओज़ भौंचक्का रह जाता है.

गौर कीजिए कि इस बात को कहकर बुल्गाकोव इस बात की ओर इशारा कर देता है कि पाठक येशुआ-पोंती पिलात के प्रसंग को वाक़ई में ईसा की कहानी न समझ बैठें.....ये तो कोई और ही बात है!

बेर्लिओज़ प्रोफेसर से पूछता है कि वह मॉस्को में रुका कहाँ है, और प्रोफेसर जवाब देता है कि वह बेर्लिओज़ के ही फ्लैट में पूरे तीन दिनों तक रहने वाला है!

वह विचित्र, पारदर्शी आदमी जिसे बेर्लोओज़ ने पार्क में हवा से बनते देखा था, दुबारा प्रकट होता है. अब वह साधारण इंसान की तरह प्रतीत हो रहा है. वह बेर्लिओज़ से, जो विदेशियों से सम्बन्धित दफ़्तर में प्रोफेसर के बारे में सूचना देने जा रहा था, पूछता है कि क्या वह कीएव में उसके चाचा को तार कर दे?

इस तरह हमें दो बातों का पता चलता है : वह स्थान जहाँ विदेशी रुकने वाला है; और यह कि बेर्लिओज़ का एक चाचा है जो कीएव में रहता है.

बेर्लिओज़ अन्नूश्का द्वारा गिराए गए तेल पर फिसल कर रेल की पटरियों पर गिर जाता है और फौरन तेज़ी से आती हुई ट्राम द्वारा कुचल दिया जाता है. ट्राम एक महिला द्वारा चलाई जा रही थी.

इस प्रकार प्रोफेसर की भविष्यवाणी सही साबित होती है: मासोलित की मीटिंग जिसकी अध्यक्षता बेर्लिओज़ करने वाला था हो ही नहीं सकती; बेर्लिओज़ का सिर काट दिया जाता है, एक महिला द्वारा.

अगले ही पल लोगों की भीड़ जमा हो गई जो बेर्लिओज़ के कटॆ हुए सिर को देखकर सक्ते में आ गए थे.

हम कह सकते हैं कि यह अध्याय आगे होने वाली घटनाओं की प्रस्तावना है.

यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रोफेसर भविष्यवेत्ता है, यह भी यक़ीन हो जाता है कि मनुष्य का अपने भविष्य पर कोई नियंत्रण नहीं है, वह तो यह भी नहीं जानता है कि अगले पल उसके साथ क्या होने वाला है.


बेज़्दोम्नी की क्या प्रतिक्रिया होगी?

अगले अध्याय में....

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